अयोध्या विवाद: सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्ष ने कहा- मान लेते हैं भगवान राम का जन्म वहां हुआ, लेकिन...

नई दिल्ली. राम जन्मभूमि (Ram Janambhoomi) बाबरी मस्जिद (Babri Mosque) प्रॉपर्टी विवाद (Property Dispute) की सुनवाई सोमवार को 28वें दिन भी जारी रही. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की संविधान पीठ के समक्ष दलील पेश करते हुए मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन (Counsel Rajeev Dhawan) ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि भगवान राम का सम्मान होना चाहिए, लेकिन भारत जैसे देश में अल्लाह का भी सम्मान है.

राजीव धवन ने बहस को आगे बढ़ाते हुए कहा, 'हम मान लेते हैं कि राम का जन्म वहां हुआ. पर हिंदू पक्ष चाहता है कि वहां सिर्फ मंदिर रहे. शक नहीं कि भगवान राम का सम्मान होना चाहिए, लेकिन भारत जैसे महान देश में अल्लाह का भी सम्मान है. इसी बुनियाद पर देश बना है.'

राजीव धवन ने दलील देते हुए कहा, "रामलला विराजमान के नाम पर सूट दाखिल करने का मकसद निर्मोही अखाड़े से उसका सेवा का अधिकार (शेबैत) छीनकर, उसपर खुद का दावा और वहां नए सिरे से मंदिर बनाकर सबकुछ अपने कब्जे में लेना है."

राजीव धवन ने हिंदू पक्ष के द्वारा परिक्रमा के संबंध में गवाहों द्वारा दी गई गवाहियां कोर्ट के सामने रखीं. धवन ने कहा कि परिक्रमा के बारे में सभी गवाहों ने अलग-अलग बात कही है. उनकी गवाही में विसंगति है.

18 अक्टूबर तक बहस पूरी करें
इससे पहले की सुनवाई के दौरान दशकों पुराने इस विवाद में जल्द फैसला आने की उम्मीद जगी है. हिंदू पक्ष की सुनवाई के बाद अब मुस्लिम पक्ष की जिरह भी पूरी होने वाली है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने दोनों पक्षों को 18 अक्टूबर तक बहस पूरी करने को कहा है. जिसके बाद कहा जा रहा है कि इस मामले में नवंबर तक कोई बड़ा फैसला आ सकता है.

28 दिन में लिखा जाएगा फैसला
दरअसल, पिछली सुनवाई में चीफ जस्टिस ने मुस्लिम पक्ष से पूछा था कि वे बताएं कि कब तक बहस पूरी कर लेंगे. इस पर मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने कहा कि वे 27 सितंबर तक बहस पूरी कर लेंगे. संविधान पीठ ने हिंदू पक्ष से भी पूछा कि उन्हें मुस्लिम पक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए कितना वक्त लगेगा, जिस पर हिंदू पक्ष ने कहा कि वे दो दिन में बताएंगे. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट इस मामले में फैसला लेने के लिए करीब 28 दिन का वक्त चाहता है. लिहाजा कोर्ट ने दोनों पक्षों को 18 अक्टूबर तक बहस पूरी करने को कहा.
News Source : नई दिल्ली. राम जन्मभूमि (Ram Janambhoomi) बाबरी मस्जिद (Babri Mosque) प्रॉपर्टी विवाद (Property Dispute) की सुनवाई सोमवार को 28वें दिन भी जारी रही. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की संविधान पीठ के समक्ष दलील पेश करते हुए मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन (Counsel Rajeev Dhawan) ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि भगवान राम का सम्मान होना चाहिए, लेकिन भारत जैसे देश में अल्लाह का भी सम्मान है.


राजीव धवन ने बहस को आगे बढ़ाते हुए कहा, 'हम मान लेते हैं कि राम का जन्म वहां हुआ. पर हिंदू पक्ष चाहता है कि वहां सिर्फ मंदिर रहे. शक नहीं कि भगवान राम का सम्मान होना चाहिए, लेकिन भारत जैसे महान देश में अल्लाह का भी सम्मान है. इसी बुनियाद पर देश बना है.'

राजीव धवन ने दलील देते हुए कहा, "रामलला विराजमान के नाम पर सूट दाखिल करने का मकसद निर्मोही अखाड़े से उसका सेवा का अधिकार (शेबैत) छीनकर, उसपर खुद का दावा और वहां नए सिरे से मंदिर बनाकर सबकुछ अपने कब्जे में लेना है."

राजीव धवन ने हिंदू पक्ष के द्वारा परिक्रमा के संबंध में गवाहों द्वारा दी गई गवाहियां कोर्ट के सामने रखीं. धवन ने कहा कि परिक्रमा के बारे में सभी गवाहों ने अलग-अलग बात कही है. उनकी गवाही में विसंगति है.

18 अक्टूबर तक बहस पूरी करें
इससे पहले की सुनवाई के दौरान दशकों पुराने इस विवाद में जल्द फैसला आने की उम्मीद जगी है. हिंदू पक्ष की सुनवाई के बाद अब मुस्लिम पक्ष की जिरह भी पूरी होने वाली है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने दोनों पक्षों को 18 अक्टूबर तक बहस पूरी करने को कहा है. जिसके बाद कहा जा रहा है कि इस मामले में नवंबर तक कोई बड़ा फैसला आ सकता है.

28 दिन में लिखा जाएगा फैसला
दरअसल, पिछली सुनवाई में चीफ जस्टिस ने मुस्लिम पक्ष से पूछा था कि वे बताएं कि कब तक बहस पूरी कर लेंगे. इस पर मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने कहा कि वे 27 सितंबर तक बहस पूरी कर लेंगे. संविधान पीठ ने हिंदू पक्ष से भी पूछा कि उन्हें मुस्लिम पक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए कितना वक्त लगेगा, जिस पर हिंदू पक्ष ने कहा कि वे दो दिन में बताएंगे. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट इस मामले में फैसला लेने के लिए करीब 28 दिन का वक्त चाहता है. लिहाजा कोर्ट ने दोनों पक्षों को 18 अक्टूबर तक बहस पूरी करने को कहा.
News Source : UC News 

0 Comments:

Adnow

loading...