चार साल पहले दिए बयान के लिए हुआ हिन्दू नेता कमलेश तिवारी का ....



सुर्खियों में छाए उत्तर प्रदेश में हिन्दू नेता कमलेश तिवारी मर्डर केस का 24 घंटे के भीतर राजफाश हो गया है। कमलेश की हत्या 2014 में उनके द्वारा दिए गए एक बयान के चलते की गई। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओ.पी. सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि कमलेश तिवारी की हत्या में शामिल सभी आरोपियों की पहचान हो गई है। उन्होंने बताया कि कमलेश तिवारी ने 2015 में एक विवादित बयान दिया था, जिसके चलते आरोपियों ने उनकी हत्या की है।


याद दिला दें कि लखनऊ में शुक्रवार दोपहर हिन्दू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की उनके घर पर गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। हत्यारे भगवा कुर्ता पहने थे और मिठाई के डिब्बे में तमंचा व चाकू लेकर आए थे। हत्यारों ने पहले नेता से बात की और बाद में मिलने के लिए घर पर आ गए थे। करीब आधे घंटे तक बातचीत करने के बाद आरोपियो ने कमलेश के नौकर को कुछ मंगाने के लिए बाहर दुकान पर भेज दिया। नौकर वापस आया तो कमलेश खून से लथपथ जमीन पर गिरे पड़े थे। उन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमले किए गए थे। पड़ोसियों की मदद से कमलेश को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।



अहम खुलासे
तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने हत्या के आरोप में मौलाना मोहसिन शेख, फैजान, रसीद अहमद खुर्सीद को गिरफ्तार किया है। दो अन्य आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। इन तीन आरोपियों के अलावा हत्या में शामिल दो आरोपियों की तलाश जारी है।


जानें आरोपियों के बारे में
हत्यारोपियों में रशीद अहमद पठान दर्जी का काम करता है। दर्जी के काम के साथ-साथ उसे कम्प्यूटर में महारथ हासिल है। वहीं हिरासत में लिया गया दूसरा शख्स मौलाना मोहसिन शेख है, जिसकी उम्र 24 साल है। मौलाना एक साड़ी की दुकान में काम करता है। तीसरे आरोपी का नाम फैजान है और उसकी उम्र 21 साल है। फैजान सूरत में रहता है और जूते की दुकान में नौकरी करता है। यूपी डीजीपी के अनुसार राशिद पठान ने हिन्दू नेता के मर्डर की पटकथा लिखी थी।
ट्रेन रोककर तलाशे गए संदिग्ध
हिन्दू नेता की हत्या में शामिल संदिग्धों की तलाश में पुलिस कोना-कोना तलाश रही है। संदिग्धों की आहट लगने पर आज पुलिस ने मुरादाबाद में राप्ती गंगा ट्रेन को रुकवाकर पांच यात्रियों को उतारा। कटघर में करीब आधे घंटे ट्रेन रोककर बोगी से पांच लोगों को उतार कर मुरादाबाद में उनसे पूछताछ की गई। ट्रेन में यह कार्रवाई एसटीएफ और एसएसपी मुरादाबाद की टीम ने की।
2015 में दिए बयान के चलते हुई हत्या
यूपी डीजीपी ने बताया कि हत्या के पीछे कमलेश तिवारी का 2015 में दिया गया आपत्तिजनक बयान था। जांच के लिए गठित की गई स्पेशल टीम ने वारदात की जगह से मिले मिठाई के डिब्बे की कड़ी सुलझाकर आरोपियों तक पहुंची। मौके से गुजरात की एक दुकान का मिठाई का डिब्बा मिला था। उससे मर्डर के तार जोड़े गए तो गुजरात कनेक्शन पता चला।
मौलाना अनवारुल हक और मुफ्ती नईम से भी पूछताछ
डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि कमलेश तिवारी की पत्नी के आरोपों के आधार पर मौलाना अनवारुल हक और मुफ्ती नईम काजमी मामले में नामजद किया गया था। इन दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
कमलेश तिवारी को दी गई थी पूरी सुरक्षा
डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि ने कमलेश तिवारी की सुरक्षा में कोई लापरवाही नहीं बरती गई थी। उनके सुरक्षा में खतरे को देखते हुए ही उन्हें गनर मुहैया कराया गया था।
आतंकी संगठन का हाथ नहीं
डीजीपी ने बताया कि जिन आरोपियों के नाम अभी तक इस हत्या में आए हैं और जो आरोपी हिरासत में है उनका किसी भी आतंकी संगठन से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि रशीद पठान ने हत्या की साजिश रची थी। साजिश को मोहसिन शेख ने अंजाम तक पहुंचाया और फैजान मिठाई खरीदने में शामिल था। सभी आरोपी गुजरात से वास्ता रखते हैं। साथ ही लखनऊ से भी उनका कनेक्शन है।

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