सुन ले पाकिस्तान! भारत नहीं अकेला, जंग में ये देश भी देगा साथ

एक तरफ जहां पाकिस्तानी सेना व सरकार की नापाक हरकत जारी है। वहीं कश्मीर मसले पर भारत को रूस का साथ मिला है। रूसी राजनयिक निकोले कुदाशेव ने कहा कि अनुच्छेद 370 पर भारत सरकार का संप्रभु निर्णय है। यह पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है।
कश्मीर

नई दिल्ली: मोदी सरकार के द्वारा 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के बाद से पाकिस्तान की बौखलाहट साफ देखी जा सकती है। कश्मीर मुद्दे से अनुच्छेद 370 और 35A हटाए जाने के बाद पाकिस्तान लगातार गीदड़ भभकी देता रहा है। उसने यूएन से लेकर मुस्लिम देशों तक का दरवाजा खटखटाया, लेकिन उसको निराशा ही हाथ लगी है।

मिला रूस का साथ…

एक तरफ जहां पाकिस्तानी सेना व सरकार की नापाक हरकत जारी है। वहीं कश्मीर मसले पर भारत को रूस का साथ मिला है। रूसी राजनयिक निकोले कुदाशेव ने कहा कि अनुच्छेद 370 पर भारत सरकार का संप्रभु निर्णय है। यह पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है।
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कई समझौते होंगे हल…

कश्मीर मसले को भारत और पाकिस्तान के बीच शिमला और लाहौर समझौते के तहत हल किया जा सकता है. हमारे विचार बिल्कुल भारत जैसे ही हैं।
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रूसी दूतावास ने कहा…

इसके साथ ही भारत में रूसी दूतावास के उप प्रमुख रोमन बाबूसकिन ने भी कहा कि रूस की भारत-पाकिस्तान विवाद में कोई भूमिका नहीं है, जब तक कि दोनों देश मध्यस्थता के लिए नहीं कहते।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बंद दरवाजे की बैठक के दौरान हमने दोहराया कि कश्मीर भारत का एक आंतरिक मुद्दा है।
भारत और पाकिस्तान के पास है एटमी हथियार…
भारत और पाकिस्तान के एटमी हथियार के बारे में रोमन बाबूसकिन ने कहा कि ‘यह चिंता का विषय है। भारत और पाकिस्तान गैर-आधिकारिक एटमी पावर हैं। ऐसे में तनाव का बढ़ना चिंता की बात है। भारत इस मामले में एक जिम्मेदार देश है जो नो-फर्स्ट यूज पॉलिसी से जुड़ा है’।
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