ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में आग लगाने वाले बोले-आग लगाना अच्छा लगता है



ऑस्ट्रेलिया में जानबूझ कर जंगल में आग लगाने के मामले में सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं गिरफ्तार किए गए लोगों से जब पूछताछ की तो उन्होंने आग लगाने की जो वजह बताई वो बड़ी ही अजीब हैं। स्विनबर्न यूनिवर्सिटी में फॉरेंसिक बिहेवियरल साइंस के निदेशक जेम्स ओग्लॉफ के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया में लगभग 50 प्रतिशत आग जानबूझ कर लगाई गई। उन्होंने न्यूज कॉर्प को बताया, 'उन्हें आग देखना अच्छा लगता है, आग लगाना अच्छा लगता है और वे अक्सर यह जानकारी देते हैं कि जंगल कैसे जलता है और आग को भड़काया कैसे जाता है।'

यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न की प्रोफेसर के एसोसिएट प्रोफेसर जेनेट स्टेनली ने कहा कि आगजनी करने वाले या आग लगाने वाले आम तौर पर युवा लड़के हैं जो 12 से 24 साल के बीच के हैं या 60 साल या इससे भी बुजुर्ग। एक पूर्व स्वयंसेवी दमकल कर्मी ब्रेंडन सोकालुक को 2009 में विक्टोरिया में आग लगाने के मामले में 17 साल नौ महीने की जेल की सजा सुनाई थी। ऑस्ट्रेलिया के सबसे घातक अग्निकांडों में से एक इस घटना में 10 लोग मारे गए थे।

सिर्फ एनएसडब्ल्यू में नवंबर के बाद 183 लोगों पर केस दर्ज किया गया या चेतावनी दी गई और जानबूझ कर जंगलों में आग लगाने के मामले में 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं विक्टोरिया में 43 पर मामला दर्ज किया गया, क्वींसलैंड में 101 लोगों को गिरफ्तार किया गया, इनमें से लगभग 70 प्रतिशत लोग नाबालिग थे। यहां नवंबर में सबसे भयानक आग थी।

ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग की लपटें अब ब्राजील तक पहुंच गई हैं, नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस रिसर्च ने ट्विटर पर ये जानकारी दी है। सेटेलाइट चित्रों का जिक्र करते हुए, एजेंसी के रिमोट सेंसिंग विभाग ने कहा है कि मंगलवार को ब्राजील के सबसे दक्षिणी राज्य रियो ग्रांड डो सुल में धुआं आ गया था।

अब तक 25 लोगों की मौत
सितंबर से जल रही आग से अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया के एक न्यूज पेपर ने कहा कि इन लोगों को सबसे ज्यादा प्रभावित प्रांतों न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू), क्वींसलैंड, विक्टोरिया, साउथ ऑस्ट्रेलिया और तस्मानिया से गिरफ्तार किया गया है।

News Source: www.livehindustan.com

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